आपका स्वागत है |

ऐसा कहा जाता है कि लेखन एक कला है | लेकिन मेरे लिए लेखन एक अभिव्यक्ति है | कुछ कही कुछ अनकही बातें, कुछ बीते तो कुछ आने वाले समय, कुछ अपने तो कुछ बेगाने सम्बन्ध, कुछ घटना तो कुछ दुर्घटना, कुछ सच तो कुछ काल्पनिक, कुछ विचार तो कुछ मंथन पर आधारित अभिव्यक्ति को कलम से पिरो कर आपके समक्ष रखने की कोशिश की है| जैसा मैंने पहले कहा कि मेरी समझ में लेखन कला नहीं है | हाँ, अभिव्यक्ति को सिल-सिले वार और रोचक ढ़ंग से पिरोना अवश्य कला है | और मैंने केवल अभिव्यक्ति को कागच और कलम दिया है |   

हिंदी उपन्यास
आओ चलें परिवर्तन की ओर..

यह उपन्यास १४ भाग में है |

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हिंदी उपन्यास
अणु और मनु

यह उपन्यास २१ भाग में है |

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अपना-सा अजनबी

यह उपन्यास ३४ भाग में है |

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कहानी संग्रह
सागरिका भाग -१

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